भारत में मौजूदा बाज़ारों का इस्तेमाल करके कम लागत (₹50,000) वाला ई-कॉमर्स बिज़नेस कैसे शुरू करें How to Start an E-Commerce Business in India with ₹50,000 Using Online Marketplaces

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Start ecommerce business in 50000 rupees
Start ecommerce business in 50000 rupees

भारत में कम लागत वाला ई-कॉमर्स बिज़नेस कैसे शुरू करें

हाल के सालों में भारतीय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री तेज़ी से फैली है और अब यह रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक आम हिस्सा बन गई है। आजकल, भारत में लोग अपने स्मार्टफोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल करके खबरें, कारें, सेल फोन, किराने का सामान, दवाएं, घर की सजावट का सामान, स्टेशनरी, खिलौने, कपड़े और बहुत कुछ ढूंढते हैं। सब कुछ बस एक क्लिक पर आपके दरवाज़े पर मिल सकता है। जब हम ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो हम समय बचा सकते हैं, बेहतर डील पा सकते हैं, और कई तरह की चीज़ों में से चुन सकते हैं।
Amazon, Flipkart, Meesho, Blinkit, Zepto, Swiggy, और Myntra जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म की वजह से अब छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले लोग भी आसानी से ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं। ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी (COD), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, और UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) जैसे डिजिटल पेमेंट तरीकों पर ज़्यादा भरोसा करते हैं।
इसके अलावा, ई-कॉमर्स ने स्टार्टअप, महिला उद्यमियों, और छोटे बिज़नेस मालिकों के लिए बिना फिजिकल स्टोर खोले पूरे भारत में अपना सामान बेचना आसान बना दिया है। बेहतर डिलीवरी सेवाओं, तेज़ शिपिंग, 10 मिनट में डिलीवरी के ऑप्शन, और आसान रिटर्न पॉलिसी की वजह से अब ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग करने में ज़्यादा सहज महसूस करते हैं।
ज़्यादा लोगों के स्मार्टफोन और इंटरनेट इस्तेमाल करने से, भारतीय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री छोटे बिज़नेस को बढ़ावा दे रही है, नई नौकरियां पैदा कर रही है, और देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
सेल फोन तक आसान पहुंच और कम लागत वाले इंटरनेट की वजह से भारतीय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री तेज़ी से बढ़ रही है। अब ऑनलाइन बिज़नेस करने के लिए बड़े बाज़ार ही एकमात्र जगह नहीं हैं। आजकल भारत में ड्रॉप शिपिंग, सोशल कॉमर्स, D2C कंपनियां, और छोटे विक्रेता पॉपुलर हो रहे हैं। भारत की युवा आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति, और मज़बूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण, ई-कॉमर्स नई नौकरियां पैदा करके, छोटे बिज़नेस को सपोर्ट करके, और निवेशकों, विक्रेताओं, और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करके देश के भविष्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

पिछली ग्रोथ: हम यहाँ तक कैसे पहुँचे (Previous growth: how we reached)

Growth of e-commerce and online shopping in India
Growth of e-commerce and online shopping in India

2010 के दशक की शुरुआत में, भारत का ई-कॉमर्स बिज़नेस छोटा था और मुख्य रूप से बड़े शहरों तक ही सीमित था। उस समय बहुत कम लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते थे, ज़्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स और सेल फोन के लिए। जैसे-जैसे सेलफोन सस्ते होते गए और मोबाइल इंटरनेट की कीमतें कम होती गईं, चीजें धीरे-धीरे बदलने लगीं। छोटे कस्बों और गांवों में भी, सस्ते डेटा प्लान की वजह से ज़्यादा लोग इंटरनेट इस्तेमाल कर पा रहे थे।
सबसे बड़ा बदलाव COVID-19 के बाद आया। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घर पर रहना पड़ा और उन्होंने अपनी ज़रूरतों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर देना शुरू कर दिया, जिसमें किराने का सामान, दवाएं, कपड़े और घर का सामान शामिल था। जिन लोगों को इंटरनेट शॉपिंग का पहले कोई अनुभव नहीं था, उन्होंने भी एप्लिकेशन इस्तेमाल करना और ऑर्डर देना सीख लिया। COVID के बाद भी यह व्यवहारिक बदलाव जारी रहा।

साल 2025 तक भारत में करोड़ों इंटरनेट खरीदार होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा, ई-कॉमर्स में खाना, कपड़े, घर का सामान, कॉस्मेटिक्स और भी बहुत कुछ शामिल हो गया है। आम भारतीय परिवारों के लिए, ऑनलाइन मार्केटप्लेस अब रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं।
मौजूदा बाज़ार का आकार और संभावनाएं (भारतीय नज़रिए से) भारतीय ई-कॉमर्स बाज़ार पहले से ही बहुत बड़ा है और तेज़ी से बढ़ रहा है। अलग-अलग इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन रिटेल बिज़नेस की मौजूदा वैल्यू कई लाख करोड़ रुपये है। जब हम ग्रोसरी डिलीवरी, फूड डिलीवरी, शॉपिंग ऐप्स और सर्विसेज़ सहित सभी तरह की ऑनलाइन खरीदारी को ध्यान में रखते हैं, तो पूरे ई-कॉमर्स इंडस्ट्री की कीमत कई लाख करोड़ रुपये है।

Evolution of e-commerce business in India from 2010 to 2026
Evolution of e-commerce business in India from 2010 to 2024

अगले कुछ सालों के लिए, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह बाज़ार मज़बूत डबल-डिजिट सालाना दर से बढ़ता रहेगा। इसका मतलब है कि साल-दर-साल ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग करेंगे।
भविष्य में ज़्यादातर ग्रोथ टियर-2 और टियर-3 शहरों से आएगी, जहां इंटरनेट यूज़र्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। Facebook, Instagram और WhatsApp के ज़रिए खरीदना या बेचना, खासकर होम बिज़नेस और छोटे विक्रेताओं के बीच, पॉपुलर हो रहा है। एक और तेज़ी से बढ़ता हुआ इंडस्ट्री क्विक कॉमर्स है, जो रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ें, जिसमें किराने का सामान भी शामिल है, सिर्फ़ दस मिनट में डिलीवर करता है।

सीधे शब्दों में कहें तो, भारत में इंटरनेट शॉपिंग की बहुत ज़्यादा और बढ़ती हुई मांग है। यह नए विक्रेताओं को छोटे स्तर पर शुरुआत करने, एक खास प्रोडक्ट पहचानने और धीरे-धीरे अपने बिज़नेस को बढ़ाने का एक शानदार मौका देता है।

ऑनलाइन स्टोर लॉन्च करने से पहले एक चेकलिस्ट(A checklist prior to launching an online store)

अपनी रुचियां और अनुभव तय करें(Determine Your Interests and Experience)
Decide your interest and experience before starting e-commerce
Decide your interest and experience before starting e-commerce

एक ऐसी प्रोडक्ट कैटेगरी चुनें जिसमें आपकी रुचि हो या जिसे आपने पहले बेचा हो। अगर आपको किसी सामान या सर्विस को बेचने का पहले से अनुभव है, तो कस्टमर की ज़रूरतों, कीमत और मार्केट ट्रेंड को समझना बहुत आसान हो जाता है। इससे आपका इंटरनेट बिज़नेस लंबे समय तक अच्छे से चलता है और आपको गलतियों से बचने में मदद मिलती है।

जब जुनून और ज्ञान मिलते हैं, तो लंबे समय तक स्थिरता बनी रहती है और गलतियां कम होती हैं।

सही प्रोडक्ट कैटेगरी चुनें(Select the Right Product Category)

ऐसा मार्केट चुनें जहां बहुत ज़्यादा डिमांड हो और कॉम्पिटिशन कम हो। जानें कि इस कैटेगरी में अक्सर ऐसे आइटम या सर्विस शामिल होते हैं जो सीधे कस्टमर की ज़रूरतों को पूरा करते हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आसान बनाते हैं। शुरुआती लोगों के लिए लोकप्रिय कैटेगरी में शामिल हैं:

Best product categories for beginners in e-commerce
Best product categories for beginners in e-commerce

• फैशन (कपड़े)
• फैशन एक्सेसरीज़
• खिलौने
• घर की सजावट
• रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले लाइफस्टाइल प्रोडक्ट
• स्टेशनरी आइटम
• पर्सनल केयर
नोट: शुरुआत में, ज़्यादा रिटर्न वाले, ज़्यादा रेगुलेटेड, या नाज़ुक चीज़ों से बचें।

बिज़नेस रजिस्ट्रेशन और GST प्लानिंग(Business Registration and GST Planning)

अपनी कंपनी के साइज़ के आधार पर, इसे प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप, LLP, या प्राइवेट लिमिटेड के तौर पर रजिस्टर करें। शुरुआती लोगों के लिए प्रोप्राइटरशिप फर्म सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि इसे मैनेज करना आसान होता है और इसमें दूसरे विकल्पों की तुलना में कम कानूनी फॉर्मेलिटी होती हैं।

GST registration for online sellers in India
GST registration for online sellers in India

• अगर रेवेन्यू तय सीमा से कम है, तो कुछ प्रोडक्ट कैटेगरी GST रजिस्ट्रेशन की ज़रूरतों से छूट दी गई हैं।
• GST से छूट वाले प्रोडक्ट के लिए हमेशा सरकारी वेबसाइट और मार्केटप्लेस के नियमों को चेक करें।
• आपके पास रजिस्ट्रेशन के दो विकल्प हैं: खुद से या CA या वकील की मदद से (फीस अलग-अलग हो सकती है लेकिन इससे समय और गलतियां बचती हैं)।

कंपनी का लोगो डिज़ाइन करना(Logo Designing of Company)

लोगो डिज़ाइन करने से आपकी कंपनी की एक अनोखी पहचान बनती है, ब्रांड पहचान बनती है, कस्टमर का भरोसा बढ़ता है, और यह पक्का होता है कि आपका बिज़नेस मार्केटप्लेस, पैकेजिंग और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर प्रोफेशनल दिखे।

Logo and trademark registration for e-commerce business
Logo and trademark registration for e-commerce business

• लोगो को सिंपल, साफ और याद रखने में आसान रखें।
• सीमित रंगों और साफ फॉन्ट का इस्तेमाल करें (वेबसाइट और मार्केटप्लेस पर अच्छा काम करता है)।
• आपका लोगो मोबाइल, पैकेजिंग, इनवॉइस और सोशल मीडिया पर अच्छा दिखना चाहिए।
• शुरुआती लोग ChatGPT, Google Gemini और Canva जैसे फ्री टूल का इस्तेमाल करके लोगो डिज़ाइन कर सकते हैं। या लोगो डिज़ाइनर की मदद ले सकते हैं।
• शुरुआती लोगों के लिए लागत ₹0 – ₹3,000 हो सकती है।

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन (बहुत ज़रूरी) -Trademark Registration (Very Important)

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन आपके ब्रांड नाम और लोगो को कॉपी होने से बचाता है, यह कस्टमर का भरोसा बनाता है, मार्केटप्लेस अप्रूवल में मदद करता है, और लंबे समय तक बिज़नेस ग्रोथ में मदद करता है। • अपने बिज़नेस का नाम और लोगो जितनी जल्दी हो सके रजिस्टर करवा लें।

trademark registration for e-commerce business
trademark registration for e-commerce business

• आप ™ सिंबल के साथ बेचना शुरू कर सकते हैं, और अप्रूवल के बाद आप ® का इस्तेमाल कर सकते हैं।
• ट्रेडमार्क मार्केटप्लेस अप्रूवल, ब्रांड ट्रस्ट और भविष्य में बिज़नेस बढ़ाने में मदद करता है।
• आप सरकारी वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं या किसी प्रोफेशनल की मदद ले सकते हैं।
• अनुमानित खर्च: ₹4,000 – ₹8,000 (सरकारी + प्रोफेशनल फीस)।

सही प्रोडक्ट और सप्लायर ढूंढना(Finding the Right Product & Supplier)

ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने में सही प्रोडक्ट और भरोसेमंद सप्लायर चुनना पहला और सबसे ज़रूरी कदम है।
अपने शहर या इलाके के आस-पास के प्रोड्यूसर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स या होलसेलर्स से सामान खरीदकर शुरुआत करें। लोकल सोर्सिंग से इन्वेंटरी मैनेज करना, खर्च बचाना और क्वालिटी बनाए रखना आसान होता है।
अगर लोकल सप्लायर नहीं मिल रहे हैं, तो TradeIndia और IndiaMART जैसे भरोसेमंद ऑनलाइन B2B मार्केटप्लेस देखें।

How to find suppliers for e-commerce business in India
How to find suppliers for e-commerce business in India

याद रखने योग्य ज़रूरी बातें(Important Things to Remember):
1-एक ही आइटम के लिए कई सप्लायर्स की शॉर्टलिस्ट बनाएं।
2-कीमत, डिलीवरी शेड्यूल और प्रोडक्ट की क्वालिटी की तुलना करें।
3-अपना प्रॉफ़िट मार्जिन बढ़ाने के लिए कीमतों पर मोलभाव करें।
4-अपने बजट में रहने के लिए, कम MOQ (मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी) पाने की कोशिश करें।
बजट सलाह(Budget Advice):
अगर आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो छोटे पैमाने पर शुरू करें। ऐसे प्रोडक्ट चुनें जो प्रोडक्ट सोर्सिंग के लिए आपके ₹10,000–₹20,000 के बजट में हों। इससे जोखिम कम होता है और आपको विस्तार करने से पहले बाज़ार को टेस्ट करने का मौका मिलता है।
कंट्रोल्ड बजट और सही सप्लायर के साथ शुरुआत करने से आपको एक स्थिर और फ़ायदेमंद बिज़नेस बनाने में मदद मिलेगी।

प्रोडक्ट इमेज और वीडियो(Product Images and Videos)

हाई-क्वालिटी फ़ोटो बिक्री बढ़ाते हैं और क्लाइंट का भरोसा बनाते हैं। साफ़, हाई-डेफ़िनिशन इमेज के साथ-साथ आसान इन्फोग्राफिक्स का इस्तेमाल करें जो प्रोडक्ट की विशेषताओं और फ़ायदों को दिखाते हैं।
शुरुआत में, आप अच्छी लाइटिंग वाले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके खुद प्रोडक्ट की फ़ोटो क्लिक कर सकते हैं। इससे लागत बचाने में मदद मिलती है।

Product photography tips for online selling
Product photography tips for online selling

अगर आपका बजट इजाज़त देता है या एक बार बिक्री बढ़ने लगती है, तो आप प्रोडक्ट वीडियो भी बना सकते हैं। शुरुआती स्टेज में प्रोडक्ट वीडियो ज़रूरी नहीं हैं और जब आपकी प्रोडक्ट लिस्टिंग को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगे तो इन्हें बाद में जोड़ा जा सकता है।

सही ऑनलाइन मार्केटप्लेस का चयन कैसे करें (Selecting the Best Marketplace)

किसी भी ऑनलाइन मार्केटप्लेस को चुनने से पहले नीचे दिए गए बिंदुओं की अच्छी तरह तुलना करना बहुत ज़रूरी है। भारत में ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करते समय सही मार्केटप्लेस का चयन करना आपके मुनाफ़े, रिटर्न और सेलर अनुभव पर सीधा असर डालता है।

Best online marketplace to sell products in India
Best online marketplace to sell products in India

• कमीशन चार्जेस: अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार कमीशन रेट की तुलना करें। कम कमीशन का मतलब ज़्यादा प्रॉफिट मार्जिन।
• शिपिंग और रिटर्न शुल्क: खासकर नए सेलर्स के लिए ज़्यादा शिपिंग, रिटर्न और RTO खर्च मुनाफ़ा कम कर सकते हैं।
• सेलर सपोर्ट और क्लेम अप्रूवल: अच्छा सेलर सपोर्ट और उच्च क्लेम अप्रूवल रेट नुकसान की भरपाई करने और समस्याओं को जल्दी सुलझाने में मदद करता है।

 

शुरुआती सेलर्स के लिए टिप(Final Recommendation): ज़्यादा रिटर्न रेट और सीमित क्लेम अप्रूवल के कारण कई नए सेलर्स Meesho से शुरुआत करने से बचते हैं और ऐसे मार्केटप्लेस चुनते हैं जहाँ सेलर प्रोटेक्शन बेहतर हो।अंतिम सुझाव(Last Advise): अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो हमेशा ऐसे मार्केटप्लेस से शुरुआत करें जो पारदर्शी फीस, भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स, तेज़ सेलर सपोर्ट और मज़बूत क्लेम सेटलमेंट पॉलिसी प्रदान करता हो। इससे आप अपना ऑनलाइन बिज़नेस कम जोखिम और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ बढ़ा सकते हैं।

बेसिक हार्डवेयर सेट अप करें(Set Up Basic Hardware)

भारत में ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने के लिए भारी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे गोदाम या कमर्शियल दुकान की ज़रूरत नहीं होती। एक साधारण और कम लागत वाला सेटअप ही आपके काम को आसानी से संभाल सकता है।

बेसिक हार्डवेयर आवश्यकताएँ(Basic Hardware Requirements):

Basic-Hardware-for-Online-Business.jpg
Setup Basic Hardware for Online Business

डेस्कटॉप या लैपटॉप: प्रोडक्ट लिस्टिंग, ऑर्डर मैनेजमेंट, पेमेंट और सेलर डैशबोर्ड को संभालने के लिए ज़रूरी।
विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्शन: ऑर्डर प्रोसेसिंग और समय पर अपडेट के लिए स्थिर इंटरनेट बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रिंटर: इनवॉइस और शिपिंग लेबल प्रिंट करने के लिए उपयोगी।
यह बेसिक सेटअप लिस्टिंग और ऑर्डर को सही तरीके से मैनेज करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।

शुरुआती लोगों के लिए टिप(Beginner Tip)
अगर आपके पास पहले से लैपटॉप या डेस्कटॉप है तो यह सबसे अच्छा है। अगर नहीं है, तो आप OLX या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से सेकंड-हैंड कंप्यूटर भी खरीद सकते हैं। इससे आप अपना ई-कॉमर्स बिज़नेस कम निवेश में शुरू कर पाएंगे।

प्रोडक्ट लिस्टिंग बनाना और ऑप्टिमाइज़ेशन(Product Listing Creation & Optimization)

ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर, विज़िबिलिटी और सेल्स बढ़ाने के लिए एक हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट लिस्टिंग बहुत ज़रूरी है।
यह पक्का करें कि आपकी लिस्टिंग में ये चीज़ें हों ताकि वह असरदार हो:

How to optimize product listing on marketplaces
How to optimize product listing on marketplaces

• एक प्रोडक्ट टाइटल जो समझने में आसान हो, डिटेल में हो, और कीवर्ड से भरा हो
• बुलेट-पॉइंट फीचर्स: साइज़, मटीरियल, क्वालिटी, इस्तेमाल और ज़रूरी फायदों को हाइलाइट करें।
• सर्च-फ्रेंडली कीवर्ड: ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करें जिन्हें कस्टमर सच में ढूंढते हैं
आप अपने प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन की एंगेजमेंट और SEO को बेहतर बनाने के लिए ChatGPT या Google Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये टेक्नोलॉजी कुल मिलाकर लिस्टिंग परफॉर्मेंस, कीवर्ड प्लेसमेंट और कंटेंट क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

मार्केटप्लेस में प्रमोशन और एडवरटाइजिंग(Promotion & Advertising in the Marketplace)

ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर प्रमोशन और विज्ञापन का महत्व
नए सेलर्स के लिए शुरुआत में ऑर्गेनिक विज़िबिलिटी काफी कम होती है। ऐसे में मार्केटप्लेस पर विज्ञापन चलाना जल्दी रिज़ल्ट पाने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।
मार्केटप्लेस विज्ञापन क्यों ज़रूरी हैं?

Marketplace promotion and advertising using ads, deals, and offers to boost online sales
Marketplace promotion and advertising using ads, deals, and offers to boost online sales

प्रोडक्ट को ग्राहकों के सामने दिखाएँ: विज्ञापन आपके प्रोडक्ट्स को कैटेगरी पेज और टॉप सर्च रिज़ल्ट्स में दिखाने में मदद करते हैं।
इंप्रेशन और क्लिक बढ़ाएँ: स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग से प्रोडक्ट की विज़िबिलिटी बढ़ती है, जिससे ज़्यादा व्यूज़ और ट्रैफिक मिलता है।
शुरुआती सेल और रैंकिंग बढ़ाएँ: विज्ञापनों के ज़रिए मिलने वाली शुरुआती बिक्री प्रोडक्ट की रैंकिंग सुधारती है और ग्राहकों का भरोसा बनाती है।

शुरुआती सेलर्स के लिए सलाह(Advice for Beginner Sellers)
हमेशा छोटे विज्ञापन बजट से शुरुआत करें, नियमित रूप से परफॉर्मेंस ट्रैक करें और क्लिक, कन्वर्ज़न और सेल्स के आधार पर अपने ऐड्स को ऑप्टिमाइज़ करें, ताकि बेहतर ROI मिल सके।

शुरुआती ऑनलाइन सेलर्स के लिए आखिरी बातें(Concluding Words for Beginner Online Sellers)

Marketplace promotion and advertising using ads, deals, and offers to boost online sales
Marketplace promotion and advertising using ads, deals, and offers to boost online sales

सावधानी, ज़िम्मेदारी और कानून का पूरी तरह पालन करते हुए ऑनलाइन सेलिंग शुरू करें। प्राइसिंग, रिटर्न और कस्टमर के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने के लिए, शुरू में एक ही प्रोडक्ट कैटेगरी और कम प्रोडक्ट्स पर ध्यान दें। अपनी कंपनी को बढ़ाने से पहले, खर्चों पर कड़ा कंट्रोल रखें और मार्केटप्लेस के स्ट्रक्चर, नियमों और एल्गोरिदम के काम करने के तरीके को सीखने में कुछ समय बिताएं।

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